ब्रेकिंग न्यूज़ आंध्र प्रदेश में गैस लीक होने से 11 लोगों की मौत

ब्रेकिंग न्यूज़ आंध्र प्रदेश में गैस लीक होने से 11 लोगों की मौत
Gas lik se maut, andhra pradesh me gas lik se maut , corona virus, covid 19, corona virus live ipdate

ब्रेकिंग न्यूज़ आंध्र प्रदेश में गैस लीक होने से 11 लोगों की मौत


आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में गुरुवार को सुबह में गैस लीक हादसे से 11 लोगों की जान चली गई।

हादसे में आसपास के गांव के हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं करीब दो दर्जन लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है।
कृत्रिम रबड़ बनाने में इस्तेमाल होने वाली गैस स्टीरीन के लिक करने के कई घंटों बाद भी आसपास के गांव में और सड़कों के किनारे लोग बेहोश पड़े दिखाई दे रहे थे।

 इससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगता है गैस लीक के कारणों का पता लगाने के लिए राज्य सरकार ने जांच का आदेश दिया है और मरने वाले परिजनों को ₹10000000 का मुआवजा देने की घोषणा की है।

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस दुर्घटना पर दुख जताया है।

 राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने घटना पर दुख जताते हुए मामले की संपूर्ण जांच पर जोर दिया।


 दक्षिण कोरिया कंपनी एलजी के द्वारा संचालित एलजी पॉलीमर्स के कारखाने में गैस रिसाव तड़के 2:30 बजे के आसपास हुआ। जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे तेजी से आसपास के इलाकों में फैल गई।

आवाज तेजी से मचने से जब तक लोगों की आंख खुली तब तक कई लोग गैस के प्रभाव में आ चुके थे। बहुत से लोग नींद में ही बेहोश हो गए थे फैक्ट्री के करीब 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले कुछ गांव इससे प्रभावित हुए हैं।

 फैक्ट्री आर आर  वेंकट पुरम गांव में स्थित है। गैस लीक के कारण जान गवाने वालों में 6 और 9 साल के दो बच्चे भी हैं।

वही 2 लोगों की मौत एक बोरवेल में गिरने से हो गई। यह लोग गैस से बचने की कोशिश में भाग रहे थे। यह फैक्ट्री लाक डाउन के दौरान बंद चल रही थी।

 लोगों को बचाने के लिए पहुंचे पुलिसकर्मी की हालत भी गैस के कारण खराब हो गई। यहां 3 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले करीब  250 परिवार को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया।

गैस के कारण जानवर और पक्षी भी बेहोश हुए बताया जा रहा है।

स्टीरीन  टैंक सुरक्षित -

 कि स्टीरीन के टैंकों से जुड़ी रेफ्रिजरेशन यूनिट में खामी से यह हादसा हुआ 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान पर स्टीरीन  सुरक्षित व द्रव अवस्था में रहता है।

पुलिस की सख्त कार्यवाही

इस हादसा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कंपनी प्रबंधक के खिलाफ गैर जिम्मेदार हत्या और लापरवाही समेत कई धाराएं का मामला दर्ज किया।

आंध्र प्रदेश की हाईकोर्ट ने किया सख्त कार्रवाई -

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने भी मामले पर ध्यान देते हुए राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस भेजकर पूछा कि इस तरह की फैक्ट्री को आबादी के बीच में लगाने का अनुमति आपने कैसे दिया।

 पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है -

कंपनी पर्यावरण संबंधित मानकों का पालन नहीं कर रही तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए।

1961 मैं हिंदुस्तान पॉलीमर्स के नाम से इस कंपनी की स्थापना हुई थी।
 जुलाई 1997 ईस्वी में दक्षिण कोरिया की कंपनी एल जी के ने इसका अधिकरण किया था।

टिप्पणियाँ