लॉकडाउन में कब और कौन से महत्वपूर्ण फैसले हुए

लॉकडाउन में कब और कौन से महत्वपूर्ण फैसले हुए


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महत्वपूर्ण फैसले
  

24 मार्च लॉकडाउन से 1 दिन पहले


  • राज्य सरकार ने लॉक डाउन से उत्पादन होने वाली स्थितियों को देखते हुए पहले दिन ही श्रमिकों और दैनिक काम कर पेट पालने वालों की मदद करने के लिए उनके खाते में डीबीटी से प्रतिमाह ₹1000 देने का फैसला किया। राजस्व विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि श्रम विभाग के 20.37 करोड़ श्रमिक फेरी पर काम करने वाले जैसे ठेला खोमचा व साप्ताहिक बाजार करने वाले 1500000 को ₹1000 माहा उनके खाते में देने का फैसला हुआ इसके साथ ही 1.65 करोड़ पंजीकृत निर्माण श्रमिक व बिहारी मजदूरों को 1 माह का मुफ्त राशन माह अप्रैल से उपलब्ध कराने का फैसला हुआ। राजस्व विभाग ने इसके लिए 203 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया।
  • राजस्व विभाग ने जरूरतमंदों को मदद करने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों को 235 कोड रुपए दिए इसमें मेरठ गाजियाबाद आगरा मुरादाबाद कानपुर नगर प्रयागराज झांसी वाराणसी गोरखपुर लखनऊ को चार चार करोड़ और अन्य सभी जिलों को 33 करोड़ रुपए दिए गए।
  • राजस्व विभाग ने को रोना जांच के लिए अस्पतालों में उपकरण खरीदने के लिए 37.25 करोड़ रुपए दिए।

26 मार्च आपदा निधि से 19.80 करोड़ दिए


  • राजस्व विभाग ने घोषित आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत सहायता देने के लिए राज्य आपदा मोचक निधि से 19.80 करोड़ रुपए दिए गए।

27 मार्च आश्रय स्थल बनाने का फैसला


  • नोवल कोरोना वायरस के चलते लाडा उनसे उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए अस्थाई स्क्रीनिंग कैंप व आश्रय स्थल की स्थापना का फैसला हुआ। इसमें मजदूरों व अन्य कामगारों के रखने की व्यवस्था का आदेश किया गया इसके लिए स्कूल कॉलेज हॉस्टल धर्मशाला आदि को स्थाई स्क्रीनिंग कैंप व आश्रय स्थल बनाते हुए इसमें ऐसे लोगों के लिए भोजन के साथ रहने की व्यवस्था कराने का आदेश डीएम को दिया गया।

29 मार्च मुफ्त भोजन की व्यवस्था


  • स्क्रीनिंग कैंप व आश्रय स्थल आप आने में असमर्थ लोगों के लिए राज्य आपदा मोचक निधि में दी गई व्यवस्था के आधार पर स्क्रीनिंग कैंप वह आश्रय स्थल पाने में असमर्थ लोगों को मुफ्त भोजन की व्यवस्था कराई गई इसके बारे में प्रदेश के सभी डीएम को निर्देश दिया गया।


30 मार्च आश्रय स्थलों मैं परीक्षण


  • अस्थाई स्क्रीनिंग कैंप व आश्रय स्थलों में रखे गए लोगों को अनिवार्य रूप से 14 दिन तक रखने का निर्देश दिया गया उनका लगातार परीक्षण कराने को कहा गया और साथ ही में करुणा के लक्षण पाए जाने पर उन्हें मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार पूर्व से चिन्हित अस्पतालों में भर्ती करने को कहा गया।

1 अप्रैल 1139 करोड़ों को दिए


  • नए वित्तीय वर्ष शुरू होने के पहले दिन इस महामारी से निपटने के लिए राजस्व विभाग ने एक मुश्त 1139 करोड़ रुपए जिलों को दिए इसमें राहत सहायता के लिए 750 करोड़ आश्रय स्थलों व स्क्रीनिंग टाइम के लिए 215 करोड मार्क्स पीपीई कीट व वेंटीलेटर के लिए 100 करोड़ मेडिकल उपकरण खरीदने के लिए 44.50 करोड़ अस्पतालों में कोविड प्रबंधन के लिए 29.50 करोड़ दिए गए।


2 अप्रैल कंट्रोल रूम का स्थापना 

  • मंडल स्थल पर कोविड 19 से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई इसके लिए प्रत्येक मंडल को 1.50 लाख रुपए दिए गए।


11 अप्रैल डॉक्टर कर्मियों की मौत पर मदद


  • राज्य सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कवि नाइन की रोकथाम में लगे डॉक्टरों व कर्मियों की संक्रमण से मौत पर उनके परिजनों को सुरक्षा की गारंटी देते हुए 50 लाख रूपये एक मूश्त आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है।


20 अप्रैल दिन में एक बार भोजन


  • राहत कार्य मानकीकरण तय करते हुए बताया कि 215 करोड रुपए से दिन में एक बार अधिकतम ₹40 का भोजन दिया जाएगा इसके साथ ही गरीब पात्र परिवारों को 1 सप्ताह का राशन मुफ्त में दिया जाएगा।

3 मई पीपीई कीट व मास्क की व्यवस्था


  • प्रधानमंत्री का पीड़ित सहायता कोष को बीट केयर फंड तृतीय संशोधन नियमावली जारी की गई इसमें आयुष्मान योजना में पंजीकृत अस्पतालों में को कोविड-19 से बचाव के लिए पीपीई कीट व मास्क देने की व्यवस्था की गई।



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